सीएम धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, 15 प्रस्तावों पर लगी मुहर..

सीएम धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, 15 प्रस्तावों पर लगी मुहर..

सीएम धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, 15 प्रस्तावों पर लगी मुहर..

 

 

उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, रोजगार, श्रमिक कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सचिवालय में हुई इस बैठक में स्वास्थ्य, कार्मिक, कौशल विकास, परिवहन, वन एवं श्रम सहित विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कुल 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक के बाद अपर सचिव एवं मुख्यमंत्री के सचिव बंशीधर तिवारी ने निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गोपालन योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। अब इस योजना का लाभ केवल सीमित वर्ग तक ही नहीं रहेगा, बल्कि सामान्य वर्ग के पात्र लाभार्थियों को भी इसका फायदा मिलेगा। इसके साथ ही योजना के तहत अब लाभार्थी गाय के साथ-साथ भैंस की खरीद भी कर सकेंगे। सरकार की ओर से इसके लिए निर्धारित मानकों के अनुसार सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस निर्णय से पशुपालन क्षेत्र को नई गति मिलेगी, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ राज्य की डेयरी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। कैबिनेट ने ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। वन क्षेत्रों में पाई जाने वाली औषधीय एवं जड़ी-बूटियों के संरक्षण, उपयोग और विकास से जुड़े मामलों में तेजी लाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति के स्वरूप में आवश्यक संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य की जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

बैठक में श्रमिकों के हितों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को भी मंजूरी दे दी गई। नई नियमावली लागू होने के बाद राज्य के संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के अधिकारों को और अधिक मजबूती मिलेगी।नए नियमों के तहत नियोक्ताओं के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि श्रमिकों को हर महीने की 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान कर दिया जाए। समय पर वेतन नहीं मिलने की समस्या से जूझ रहे श्रमिकों के लिए यह निर्णय राहत भरा माना जा रहा है। इसके साथ सरकार ने “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत को भी नियमावली में प्रभावी रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पुरुष और महिला श्रमिकों को समान कार्य करने पर समान मजदूरी मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह निर्णय कार्यस्थलों पर लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य, कार्मिक, कौशल विकास और परिवहन विभागों से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई और आवश्यक निर्णय लिए गए। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, रोजगार के अवसर बढ़ाना, ग्रामीण विकास को गति देना और श्रमिकों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार के अनुसार कैबिनेट के इन निर्णयों से एक ओर जहां ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और रोजगार आधारित योजनाओं को भी नई दिशा मिलेगी। आने वाले समय में इन फैसलों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभाग विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेंगे।

ये फैसले भी
उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधित अध्यादेश को मंजूरी।
हाई कोर्ट नैनीताल को हल्द्वानी गौलापार में 30 हेक्टेयर जमीन मिलेगी।
उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विवि हल्द्वानी के लिए 122 पदों के सृजन को मंजूरी।
जल जीवन मिशन के तहत केंद्र की गाइडलाइंस यहां लागू। योजनाओं का हस्तांतरण हो सकेगा।
उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली के तहत अब कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति सदस्य बन सकेगा।
गंगा एक्सप्रेस वे के मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार के तहत यूपी से समझौता होगा।
उत्तराखंड औद्योगिक नियमावली को मंजूरी। नियोजक और कर्मकार के संबंध बेहतर होंगे। शिकायतों का त्वरित समाधान होगा। शिकायत सामिति के सदस्य के चयन की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है।
छंटनी किए कर्मचारियों को दोबारा मौका मिल सकेगा।
वन विकास निगम सेवा सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी। स्केलर के लिए 100अंकों की परीक्षा होगी।