सीएम धामी ने परखी चारधाम यात्रा की व्यवस्थाएं..
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट के निर्देश..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने तैयारियों की समीक्षा तेज कर दी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यात्रा से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यात्रा मार्गों की स्थिति, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। सीएम ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को मौसम और भूस्खलन जैसी परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा एवं राहत-बचाव संसाधन उपलब्ध रखने को कहा।
होल्डिंग एरिया में सुविधाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
सीएम धामी ने कहा कि यात्रा के दौरान बढ़ने वाले यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया में सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव दल तत्काल सक्रिय हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि यातायात प्रबंधन के कारण श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी न हो और यात्रा मार्गों पर आवागमन सुचारू बना रहे।
यमुनोत्री में दूसरा घोड़ा पड़ाव बनाने के निर्देश
यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सीएम ने धाम से करीब 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इसके साथ ही डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने और खरसाली से वैकल्पिक मार्ग की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए। पैदल मार्ग पर यात्रियों तथा घोड़े-खच्चरों की आवाजाही को अलग-अलग और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने पर भी जोर दिया गया। सूर्यकुंड क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी इंतजाम करने को कहा गया।
घोड़े-खच्चरों के स्वास्थ्य की होगी नियमित जांच
सीएम ने घोड़े-खच्चरों के संचालन में तय मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा और भैरव ग्लेशियर क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने इन संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों, घोड़े-खच्चरों और डंडी-कंडी की आवाजाही को नियंत्रित रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू की व्यवस्था उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। सीएम धामी ने यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। वहीं गंगोत्री मार्ग पर चौड़ीकरण और गड्ढामुक्त करने के काम को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और स्यानाचट्टी क्षेत्र में विशेष सावधानी बरतने को कहा। ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेहतर रखने के साथ ही मार्ग बंद होने की स्थिति में तत्काल बहाली के लिए पर्याप्त मशीनरी तैयार रखने के निर्देश भी दिए।
चारों धामों में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता
मौसम में बदलाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ने चारों धामों में श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जरूरत के अनुसार अलाव समेत अन्य व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए। विशेष रूप से केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत रखने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने पर्याप्त संख्या में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार मिल सके। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
