आंगनवाड़ी केंद्र बनेंगे योजनाओं की जानकारी का जरिया..
7 अक्टूबर तक अभियान पूरा करने के निर्देश..
उत्तराखंड: महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की प्रगति को लेकर विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को सचिवालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा की। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। बैठक में अधिकारियों ने जिलावार कार्यक्रम की स्थिति की जानकारी दी। बताया गया कि राज्य में संचालित करीब 20 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों में से 13 हजार से अधिक केंद्रों पर ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया जा चुका है।
लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी और लाभ
कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों पर आने वाले पात्र लाभार्थियों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही पात्र लोगों को संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी मौके पर आगे बढ़ाई जा रही है। मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों से कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
7 अक्टूबर तक अभियान पूरा करने के निर्देश
बैठक में मंत्री ने बताया कि 7 अक्टूबर कार्यक्रम की अंतिम तिथि निर्धारित है। ऐसे में जिन जिलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम अभी आयोजित होना बाकी है, वहां निर्धारित समय सीमा के भीतर आयोजन पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ कार्यक्रम की गूगल मैपिंग शत-प्रतिशत पूरी की जाए। इससे आयोजन स्थलों और कार्यक्रम की प्रगति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा।
महिलाओं और बच्चों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर
मंत्री ने कहा कि ‘आंगन का मिलन’ के जरिए आंगनवाड़ी केंद्रों को सरकार और लाभार्थियों के बीच संवाद के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका फोकस महिलाओं, किशोरियों और छोटे बच्चों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ उपलब्ध कराने पर है। उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर सचिव कर्मेंद्र सिंह, निदेशक बंसीलाल राणा समेत विभाग के अधिकारी और सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मौजूद रहे।
