देहरादून में जाम से राहत की तैयारी, ट्रैफिक जंक्शनों के वैज्ञानिक सुधार का प्रस्ताव तैयार..
उत्तराखंड: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, सड़क दुर्घटनाओं और वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने एक व्यापक योजना तैयार की है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत शहर के प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों के वैज्ञानिक सुधार और आधुनिकीकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम बनाना, सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, जाम की समस्या को कम करना और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी लाना है। नगर निगम द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव में शहर के प्रमुख चौराहों और ट्रैफिक जंक्शनों को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत सड़क डिजाइन में सुधार, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और स्मार्ट तकनीक का उपयोग करते हुए ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो सके।
योजना के अनुसार जिन ट्रैफिक जंक्शनों को चिन्हित किया गया है, वहां जंक्शन ज्यामिति (Junction Geometry) में सुधार किया जाएगा ताकि वाहनों का आवागमन अधिक सहज हो सके। इसके अलावा जहां आवश्यकता होगी, वहां फ्री लेफ्ट टर्न की सुविधा विकसित की जाएगी, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें नहीं लगेंगी। साथ ही अलग-अलग दिशा में चलने वाले वाहनों के लिए व्यवस्थित लेन विकसित की जाएंगी ताकि यातायात अधिक नियंत्रित और सुरक्षित रहे। परियोजना में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए चौड़े और सुरक्षित फुटपाथ, आधुनिक ज़ेब्रा क्रॉसिंग, रिफ्यूज आइलैंड तथा अन्य आवश्यक सड़क सुरक्षा सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे सड़क पार करने वाले लोगों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजन को अधिक सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
नगर निगम ने सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक ट्रैफिक साइनेज, थर्मोप्लास्टिक रोड मार्किंग, रिफ्लेक्टिव स्टड, क्रैश बैरियर और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाने का भी प्रस्ताव तैयार किया है। इन व्यवस्थाओं से रात्रिकालीन यातायात अधिक सुरक्षित होगा और दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी। तकनीक आधारित ट्रैफिक प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए चयनित जंक्शनों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल, सीसीटीवी कैमरे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने की भी योजना है। AI आधारित प्रणाली के माध्यम से ट्रैफिक के दबाव का वास्तविक समय में विश्लेषण किया जा सकेगा, जिससे ट्रैफिक सिग्नलों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा और जाम की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
नगर निगम ने इस योजना में केवल यातायात सुधार ही नहीं, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया है। प्रस्ताव के तहत प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों पर हरित पट्टियों का विकास, लैंडस्केपिंग, सजावटी पौधारोपण, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और पब्लिक आर्ट को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही ऐसे डिजाइन विकसित किए जाएंगे जो देहरादून की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी प्रदर्शित करें। इससे शहर का सौंदर्य बढ़ने के साथ-साथ नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर शहरी अनुभव मिलेगा। नगर आयुक्त आलोक पांडे ने कहा कि ट्रैफिक जंक्शनों का वैज्ञानिक विकास केवल यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी, यात्रा समय की बचत, ईंधन की खपत में कमी और वायु प्रदूषण नियंत्रण जैसे कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के उद्देश्यों के अनुरूप यह योजना राजधानी को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
नगर निगम के अनुसार तैयार किए गए प्रस्ताव को जल्द ही तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को निर्धारित मानकों और समयसीमा के भीतर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना तय योजना के अनुसार लागू होती है तो देहरादून की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। इससे न केवल लोगों का सफर अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगा, बल्कि बढ़ते शहरीकरण के बीच ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने में भी मदद मिलेगी। साथ ही स्मार्ट तकनीक के उपयोग से राजधानी आधुनिक शहरी परिवहन प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाएगी।
