नई खेल नीति बनाने में आम जनता की राय लेगी सरकार, खेल विभाग ने मांगे सुझाव..

नई खेल नीति बनाने में आम जनता की राय लेगी सरकार, खेल विभाग ने मांगे सुझाव..

नई खेल नीति बनाने में आम जनता की राय लेगी सरकार, खेल विभाग ने मांगे सुझाव..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार राज्य की नई खेल नीति को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल कर रही है। पहली बार खेल नीति के निर्माण में आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेशभर के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल विशेषज्ञों, खेल संघों, शिक्षकों, अभिभावकों, खेल प्रेमियों और आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक लोग 30 जुलाई 2026 तक अपने सुझाव ऑनलाइन, ई-मेल या डाक के माध्यम से भेज सकते हैं। खेल विभाग का मानना है कि खेलों से जुड़े विभिन्न वर्गों के अनुभव और सुझाव नई नीति को अधिक व्यापक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने में मदद करेंगे। सरकार का उद्देश्य ऐसी खेल नीति तैयार करना है, जो केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित न रहे, बल्कि खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधारभूत सुविधाओं, प्रतिभा खोज, रोजगार, खेल विज्ञान, महिला खिलाड़ियों, ग्रामीण खेल प्रतिभाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को समाहित करे।

प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार ऐसी खेल नीति तैयार करना चाहती है, जो उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय खेल प्रतिभाओं और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बनाई जाए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास और खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। इसी उद्देश्य से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं, ताकि नीति निर्माण केवल सरकारी स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें जनता की भी सीधी भागीदारी हो। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि के भीतर प्राप्त सभी सुझावों का विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण किया जाएगा। जो सुझाव व्यवहारिक और उपयोगी पाए जाएंगे, उन्हें नई खेल नीति में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही जिन लोगों के सुझाव नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, उन्हें विभाग की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा।

खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई नीति तैयार करते समय राज्य में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करने, ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों से प्रतिभाओं की पहचान, स्कूल और कॉलेज स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने, महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, प्रशिक्षकों के कौशल विकास और खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रोत्साहन योजनाओं जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सुझाव भेजने के लिए विभाग ने कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं, ताकि प्रदेश के हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इच्छुक व्यक्ति विभाग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सुझाव भेज सकते हैं। इसके अलावा ई-मेल के जरिए भी अपने सुझाव साझा किए जा सकते हैं। वहीं, जो लोग ऑफलाइन माध्यम से सुझाव देना चाहते हैं, वे निर्धारित पते पर डाक के माध्यम से भी अपने सुझाव भेज सकते हैं।

खेल विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल 30 जुलाई 2026 तक प्राप्त सुझावों को ही नई खेल नीति के प्रारूप में शामिल करने के लिए विचार किया जाएगा। इसलिए इच्छुक लोगों से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपने सुझाव भेजें। सरकार का मानना है कि जनभागीदारी से तैयार होने वाली नई खेल नीति राज्य में खेलों के विकास को नई दिशा देगी। इससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, नई प्रतिभाओं को आगे लाने और उत्तराखंड को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। नई खेल नीति के माध्यम से सरकार प्रदेश में खेलों का ऐसा मजबूत तंत्र विकसित करना चाहती है, जिससे गांव से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों को बेहतर अवसर, आधुनिक संसाधन और संस्थागत सहयोग मिल सके। खेल विभाग को उम्मीद है कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से मिलने वाले सुझाव नीति को और अधिक समावेशी तथा प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।