चमोली की नीती घाटी में बादल फटने का कहर, पुल बहा, एक BRO जवान लापता..

चमोली की नीती घाटी में बादल फटने का कहर, पुल बहा, एक BRO जवान लापता..

चमोली की नीती घाटी में बादल फटने का कहर, पुल बहा, एक BRO जवान लापता..

 

उत्तराखंड: भारत-चीन सीमा से लगे चमोली जिले की नीती घाटी में सोमवार को मौसम ने कहर बरपाया। तमक गांव के पास अचानक तेज बारिश के बाद तमक नाला उफान पर आ गया। पानी और मलबे के तेज बहाव में सीमा सड़क संगठन (BRO) का पुल बह गया। हादसे के बाद नीती घाटी के एक दर्जन से अधिक गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है। घटना में BRO का एक हवलदार लापता बताया जा रहा है। उसकी तलाश के लिए SDRF, NDRF और जिला प्रशासन की टीमें सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

कुछ ही पलों में बह गया पुल

उच्च हिमालयी क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद तमक नाले में अचानक पानी का स्तर बढ़ गया। देखते ही देखते नाला तेज बहाव में बदल गया और अपने साथ भारी मलबा लेकर आया। इसी दौरान करीब एक महीने पहले तैयार किया गया BRO का पुल पानी की चपेट में आकर बह गया। पुल के आसपास मौजूद BRO के वाहन भी तेज बहाव से प्रभावित हुए। मलबे के बीच एक जवान के लापता होने की सूचना सामने आने के बाद बचाव दलों ने इलाके में तलाश शुरू की। पुल बहने के बाद नीती घाटी के कई गांवों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इनमें तमक, जुम्मा, कागा, गरपक, द्रोणागिरी, जेलम, कोषा, मलारी, कैलाशपुर, मेहरागांव, फर्किया, बांपा और गामशाली समेत अन्य गांव शामिल हैं। सीमा क्षेत्र में स्थित सेना की कुछ चौकियों तक आवाजाही पर भी इसका असर पड़ा है। प्रशासन अब प्रभावित इलाकों को जोड़ने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर काम कर रहा है। पुल के आसपास मौजूद BRO के वाहन भी तेज बहाव से प्रभावित हुए। मलबे के बीच एक जवान के लापता होने की सूचना सामने आने के बाद बचाव दलों ने इलाके में तलाश शुरू की।

तमक नाला पहले भी कई बार आपदा का कारण बन चुका है। क्षेत्र में इससे पहले भी पुलों के बहने की घटनाएं सामने आती रही हैं। जानकारी के मुताबिक, यहां बनाया गया RCC पुल भी करीब एक साल पहले क्षतिग्रस्त होकर बह गया था। इसके बाद आवाजाही बनाए रखने के लिए ह्यूम पाइप और वैली ब्रिज जैसी अस्थायी व्यवस्थाओं का सहारा लिया गया। अब एक बार फिर पुल बहने से सीमा क्षेत्र की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है।