जरूरतमंद बच्चों के सपनों को मिलेगा सहारा..

जरूरतमंद बच्चों के सपनों को मिलेगा सहारा..

जरूरतमंद बच्चों के सपनों को मिलेगा सहारा..

आवासीय छात्रावास में जुटाई जा रहीं सुविधाएं..

 

 

 

उत्तराखंड: आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को बेहतर आवासीय और शैक्षिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए तैयार किए जा रहे नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत चल रही इस पहल में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से भी जरूरी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। छात्रावास की छत पर 10 केवीए क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर दिया गया है। इसके साथ ही बच्चों के कमरों के लिए करीब 10 कूलर उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें जल्द स्थापित किया जाएगा। छात्रावास परिसर में सामूहिक गतिविधियों और शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए एक हॉल बनाने की भी तैयारी है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

करीब 100 बच्चों के रहने की होगी व्यवस्था

प्रस्तावित छात्रावास में करीब 100 बच्चों के रहने की क्षमता होगी। यहां रहने वाले बच्चों के लिए आवास और भोजन समेत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। 6 से 18 वर्ष की आयु के जरूरतमंद बच्चों को इस सुविधा का लाभ दिए जाने का प्रावधान है। योजना में अनाथ या ऐसे बच्चे जिनके एक अथवा दोनों माता-पिता नहीं हैं, बेहद कम आय वाले परिवारों के बच्चे, अल्पसंख्यक समुदाय, दिव्यांग, कूड़ा बीनने वाले और भिक्षावृत्ति से जुड़े बच्चों को शामिल किया गया है। शहरी वंचित वर्ग और विशेष देखभाल की जरूरत वाले बच्चों को भी योजना के दायरे में रखा गया है। छात्रावास में सुविधाएं बढ़ाने का उद्देश्य बच्चों को सिर्फ रहने की जगह उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें पढ़ाई के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण देना है। सोलर प्लांट से ऊर्जा की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी, जबकि कूलर की व्यवस्था से गर्मी के दौरान बच्चों को राहत मिलेगी। प्रस्तावित हॉल का इस्तेमाल सामूहिक अध्ययन, शैक्षणिक गतिविधियों, बैठकों और अन्य कार्यक्रमों के लिए किया जा सकेगा।

एमडीडीए कर रहा सुविधाओं का विकास

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप सामाजिक सरोकारों से जुड़ी परियोजनाओं में जरूरी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रावास में 10 केवीए का सोलर प्लांट लगाया जा चुका है और बच्चों के कमरों के लिए कूलर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रावास की क्षमता करीब 100 बच्चों की है और यहां जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित वातावरण के साथ शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया के अनुसार छात्रावास से जुड़े बाकी कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। हॉल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। उनका कहना है कि व्यवस्थाओं को इस तरह विकसित किया जा रहा है, जिससे बच्चों को पढ़ाई और दैनिक जीवन के लिए सुविधाजनक माहौल मिल सके।