दिल्ली दौरे पर रेखा आर्या, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की मुलाकात..

दिल्ली दौरे पर रेखा आर्या, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की मुलाकात..

दिल्ली दौरे पर रेखा आर्या, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की मुलाकात..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी से मुलाकात की। बैठक में प्रदेश में आंगनवाड़ी सेवाओं को बेहतर बनाने, बच्चों के पोषण और विभागीय योजनाओं के संचालन से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान रेखा आर्या ने उत्तराखंड में आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार में कुछ केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र के तौर पर विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है। राज्य सरकार की कोशिश है कि बेहतर भवन और पर्याप्त जगह वाले अन्य आंगनवाड़ी केंद्रों को भी इसी तर्ज पर विकसित किया जाए।

रेखा आर्या ने केंद्र सरकार से प्रदेश के दूसरे जिलों में भी ऐसे आंगनवाड़ी केंद्र विकसित करने के लिए आवश्यक अनुमति और सहयोग देने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित स्तर पर विचार करने का आश्वासन दिया। बैठक में टेक होम राशन यानी THR की आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतों पर भी चर्चा हुई। रेखा आर्या ने केंद्र से मिलने वाले राशन में आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे विभागीय स्तर पर वित्तीय कठिनाइयां सामने आ रही हैं। उन्होंने केंद्र से इस मामले का जल्द समाधान निकालने का अनुरोध किया।

इसके साथ ही बच्चों की गणना के लिए इस्तेमाल किए जा रहे FRS सिस्टम से जुड़ी परेशानी भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखी गई। राज्य की ओर से बताया गया कि विभिन्न परिस्थितियों के कारण निर्धारित प्रक्रिया के तहत बच्चों की गणना का काम अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। करीब 60 प्रतिशत बच्चे अभी गणना से बाहर बताए जा रहे हैं। इस संबंध में भी केंद्र से आवश्यक समाधान की मांग की गई। रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड में आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने और बच्चों को बेहतर पोषण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सरकार का विशेष फोकस है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र स्तर पर उठाए गए इन मामलों का जल्द समाधान होगा, जिससे प्रदेश में महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।