पर्यटकों की भीड़ से गुलजार रही फूलों की घाटी, पांच महीने में मिला 67 लाख का राजस्व..

पर्यटकों की भीड़ से गुलजार रही फूलों की घाटी, पांच महीने में मिला 67 लाख का राजस्व..

 

 

उत्तराखंड: विश्व धरोहर फूलों की घाटी में इस साल पर्यटकों की आवाजाही ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। पांच महीने तक देश-विदेश के सैलानियों के लिए खुली रही घाटी को 31 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। इस सीजन में यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या ने पिछले वर्षों के सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। इस वर्ष एक जून को फूलों की घाटी के द्वार पर्यटकों के लिए खोले गए थे। इसके बाद पूरे सीजन में सैलानियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। प्राकृतिक सौंदर्य, रंग-बिरंगे फूलों और हिमालयी नजारों का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचे। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, एक जून से 31 अक्टूबर तक कुल 35,261 पर्यटकों ने फूलों की घाटी का भ्रमण किया। पर्यटकों की इस रिकॉर्ड आमद से विभाग को 67 लाख 7 हजार 500 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

पर्यटकों की बढ़ती संख्या से राजस्व में भी इजाफा
फूलों की घाटी के वनक्षेत्राधिकारी आशीष जिरवान ने बताया कि इस बार पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सीजन के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक घाटी पहुंचे, जिसके चलते पिछले वर्षों के मुकाबले नया रिकॉर्ड बना है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयावधि पूरी होने के बाद अब घाटी को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। अगले पर्यटन सीजन में इसे फिर से निर्धारित तिथि पर खोला जाएगा। फूलों की घाटी अपनी दुर्लभ वनस्पतियों, प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। हर साल जून से अक्टूबर के बीच यहां पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों की आवाजाही रहती है। इस बार पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या ने एक बार फिर घाटी की लोकप्रियता को दर्शाया है।