देहरादून । एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्द लाल शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में एसजेवीएन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए आज कारपोरेट कार्यालय, शिमला में आयोजित एसजेवीएन की 33वीं वार्षिक आम बैठक के दौरान शेयरधारकों को अपने संबोधन में कंपनी की भविष्य की संभावनाओं के बारे में अवगत करवाया । शेयरधारकों ने वार्षिक आम बैठक में वर्चुअल रूप से भाग लिया जहां अन्य प्रस्तावों के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2020-21 की लिए अंकेक्षित वित्तीय परिणामों को स्वीकृत किया गया। अपने संबोधन में श्री शर्मा ने बताया कि जहां वर्ष 2020-21 ने इतिहास में अपना स्थान कोविड -19 महामारी के रूप में चिह्नित किया, जिसने एक अभूतपूर्व वैश्विक मानवीय और आर्थिक संकट को उत्पन्न किया है, एसजेवीएन के प्रबंधन और कर्मचारियों ने पांच विद्युत् स्टेशनों से 9224 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्पादन करके उत्कृष्ट प्रचालन निष्पादन हासिल करने का अवसर प्राप्त किया। इन विद्युत स्टेशनों की डिजाइन एनर्जी 8700 मिलियन यूनिट है। कोविड-19 प्रभाव का मुकाबला करने के लिए, एसजेवीएन ने 2020-21 में कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की पहल के तहत 52.87 करोड़ रुपए खर्च किए तथा पीएसयू अवार्ड श्रेणी में दलाल स्ट्रीट इन्वेस्टमेंट जर्नल ने एसजेवीएन को श्वर्ष 2020 का सबसे सर्वाधिक कुशल और लाभअर्जक मिनी रत्न घोषित किया। वित्तीय निष्पादन के संबंध में बताते हुए श्री शर्मा ने कहा कि एसजेवीएन ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 2168.67 करोड़ रुपए का कर पूर्व लाभ (पीएटी) प्राप्त किया है। कंपनी का शुद्ध लाभ वर्ष 2019-20 में 1557.43 करोड़ रुपए की तुलना में वर्ष 2020-21 में बढ़कर 1633.04 करोड़ रुपए रहा तथा प्रति शेयर आय (ईपीएस) वर्ष 2019-20 में 3.96 रुपए प्रति शेयर से बढ़कर 2020-21 में 4.16 रुपए प्रति शेयर हो गया।
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