मौसम अलर्ट के बीच रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद, प्रशासन सतर्क, केदारनाथ धाम पहुंच रहे श्रद्धालु..

मौसम अलर्ट के बीच रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद, प्रशासन सतर्क, केदारनाथ धाम पहुंच रहे श्रद्धालु..

मौसम अलर्ट के बीच रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद, प्रशासन सतर्क, केदारनाथ धाम पहुंच रहे श्रद्धालु..

 

 

 

उत्तराखंड: मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की चेतावनी के बीच सोमवार को रुद्रप्रयाग जिले में लगातार वर्षा का सिलसिला जारी रहा। खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और एहतियात के तौर पर जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं सावन के पहले सोमवार के अवसर पर जिले के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बारिश के बावजूद प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत बनाए रखा है। जिला और ब्लॉक स्तर पर आपातकालीन नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय हैं और संभावित आपदा की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर

जिला प्रशासन के अनुसार जिले में तैनात सभी आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि लगातार हो रही बारिश को देखते हुए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों की भी नियमित निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान जिले के विभिन्न इलाकों में अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई। ऊखीमठ क्षेत्र में सबसे अधिक 77 मिमी, जखोली में 53 मिमी और जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में 22 मिमी बारिश दर्ज की गई। हालांकि लगातार बारिश के बावजूद जिले की प्रमुख नदियों का जलस्तर फिलहाल नियंत्रण में बना हुआ है। प्रशासन के अनुसार अलकनंदा, मंदाकिनी, गंगानगर और गौरीकुंड क्षेत्र की नदियां अभी चेतावनी स्तर से नीचे बह रही हैं। अलकनंदा नदी का जलस्तर लगभग 625 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका चेतावनी स्तर 626 मीटर है। वहीं मंदाकिनी नदी का जलस्तर करीब 624.15 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो निर्धारित चेतावनी स्तर 625 मीटर से नीचे है। इसके बावजूद प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है।

बारिश के बावजूद केदारनाथ यात्रा पर विशेष असर नहीं पड़ा। हाल ही में चिरबासा के पास मार्ग पर गिरे बोल्डर को हटाने के बाद पैदल यात्रा मार्ग पूरी तरह सुचारू कर दिया गया है। इसके चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। घोड़ा-खच्चर, पालकी और अन्य पारंपरिक यात्रा सेवाएं भी नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। रविवार को 1,097 श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। वहीं इस वर्ष की यात्रा शुरू होने के बाद अब तक 14,09,668 से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। लगातार बदलते मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कमी नहीं आई है और बड़ी संख्या में यात्री धाम पहुंच रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि जिले में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।