चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में, सुरक्षा पर खास फोकस..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले जिलों में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। ऋषिकेश में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए आवास, पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं को समय से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यात्रा के दौरान सड़कों और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने पर भी जोर दिया गया, ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
वहीं, केदारनाथ धाम में भी यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए गए हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक पूरे पैदल मार्ग को रोशन करने के लिए 600 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इसके अलावा ट्रेक रूट पर 200 सोलर लाइटें भी स्थापित की गई हैं, जिससे रात के समय यात्रा करना अधिक सुरक्षित हो सके। मार्ग पर स्पष्ट दिशा-निर्देश देने के लिए साइनेज और डायवर्जन बोर्ड भी लगाए गए हैं। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को प्रातः 8 बजे विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इससे पहले भगवान केदारनाथ की डोली पारंपरिक विधि-विधान के साथ अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से धाम के लिए प्रस्थान करेगी। निर्धारित कार्यक्रम के तहत डोली 19 अप्रैल को फाटा, 20 अप्रैल को गौरीकुंड और 21 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचेगी।
यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है। मार्गों पर 500 से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की जाएगी, जबकि ऋषिकेश में पर्यटन पुलिस विशेष रूप से सक्रिय रहेगी। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्लान A, B और C पहले से तैयार किए गए हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर लागू किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी जाएगी। इस बार यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को एक सहज और सुखद अनुभव मिल सके।
