धामी सरकार का बड़ा फैसला, पंचायत भवन निर्माण के लिए धनराशि दोगुनी..
उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार ने ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। धामी कैबिनेट ने प्रदेश में पंचायत घरों के निर्माण के लिए दी जाने वाली धनराशि को दोगुना करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस निर्णय के बाद अब राज्य में हर साल सैकड़ों नए पंचायत भवनों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से बजट की कमी के कारण रुके पड़े पंचायत भवन निर्माण कार्यों को भी अब गति मिलने की उम्मीद है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य में प्रतिवर्ष करीब 487 नए पंचायत घरों का निर्माण किया जा सकेगा। सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि वर्ष 2030 तक प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को अपना पंचायत भवन उपलब्ध कराया जाएगा। अनुमान है कि अगले कुछ वर्षों में करीब 1953 पंचायत घरों का निर्माण और पुनर्निर्माण संभव हो सकेगा।
प्रदेश में वर्तमान समय में कुल 7817 ग्राम पंचायतें हैं, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या अभी भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है। आंकड़ों के अनुसार 819 ग्राम पंचायतों के पास अपना पंचायत भवन ही नहीं है। वहीं 1134 पंचायत भवन ऐसे हैं जो क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं और उन्हें दोबारा बनाए जाने की जरूरत है। इसके अलावा करीब 1370 पंचायत भवनों को मरम्मत की आवश्यकता बताई गई है। अब तक पंचायत भवन निर्माण के लिए प्रति पंचायत केवल 10 लाख रुपये की धनराशि दी जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती निर्माण लागत और पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों के कारण यह राशि पर्याप्त साबित नहीं हो रही थी। कई पंचायतों में भवन निर्माण अधूरा रह गया था, जबकि कई परियोजनाएं शुरू ही नहीं हो पाई थीं। ऐसे में सरकार ने बजट बढ़ाकर निर्माण कार्यों को गति देने का निर्णय लिया है।
सरकार का मानना है कि पंचायत भवन केवल प्रशासनिक केंद्र नहीं होते, बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं के संचालन, जनसुनवाई, सामाजिक गतिविधियों और स्थानीय शासन व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार भी हैं। पंचायत घर बनने से गांवों में सरकारी योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता और सुगमता आएगी, साथ ही ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेंगी। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में 382 ऐसी ग्राम पंचायतें भी हैं जहां भूमि उपलब्ध है और वहां नए पंचायत भवनों का निर्माण जल्द शुरू किया जा सकता है। सरकार अब चरणबद्ध तरीके से निर्माण और मरम्मत कार्यों को पूरा करने की योजना पर काम कर रही है।ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया यह फैसला पंचायत व्यवस्थाओं को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि अगले चार वर्षों में राज्य की सभी पंचायतों को अपना भवन उपलब्ध कराने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
