कुंभ तैयारियों की समीक्षा, अतिक्रमण हटाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश..
उत्तराखंड: हरिद्वार में वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेले की तैयारियों को लेकर सिंचाई विभाग ने अपनी रफ्तार तेज करने के संकेत दिए हैं। सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नदियों के चैनलाइजेशन, स्टॉर्म वॉटर मास्टर ड्रेनेज सिस्टम और अन्य आधारभूत ढांचागत कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे विशाल आयोजन को देखते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। यमुना कॉलोनी स्थित सिंचाई भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ विभाग में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि निक्षेप मद के अंतर्गत राज्य संपत्ति, शिक्षा और उद्यान विभाग से जुड़े स्थायी प्रकृति के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। हरिद्वार स्थित पंत द्वीप की भूमि पर यदि कहीं अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। देहरादून में निर्माणाधीन सौंग बांध परियोजना, जिसकी अनुमानित लागत 2069.64 करोड़ रुपये है, पर अब तक 274.20 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने पर देहरादून शहर की लगभग 11 लाख आबादी को प्रतिदिन 150 एमएलडी पेयजल उपलब्ध होने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं 3678.23 करोड़ रुपये की लागत वाली जमरानी बांध परियोजना पर भी कार्य जारी है और लगभग 989.96 करोड़ रुपये के कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में सिंचाई विभाग को 242 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। राज्यभर में 449.25 करोड़ रुपये की लागत से नहरों और नलकूपों के मरम्मत व जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही जल संचयन, संवर्धन और सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है।
लघु सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत छोटे चेक डैम, तालाब और रिचार्ज शाफ्ट बनाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 40 डीजल पंपों को सोलर पंप में परिवर्तित किया जा रहा है, जबकि अब तक 2139 डीजल पंप सोलर पंप सेट में बदले जा चुके हैं। नाबार्ड वित्तपोषित योजनाओं के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 89.47 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है, जिनमें 415 चेक डैम, 43 सोलर पंप सेट, 1,49,103 मीटर पाइपलाइन, 59 हौज और 9.32 किलोमीटर गूल निर्माण प्रस्तावित है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अर्धकुंभ की तैयारियों के साथ-साथ राज्य की सिंचाई क्षमता बढ़ाना और पेयजल आपूर्ति को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर तय समयसीमा में कार्य पूर्ण कराया जाए, ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और आम जनता को दीर्घकालिक लाभ भी मिल सके।
