आवारा पशुओं की होगी गिनती, डीएम ने सर्वे कर पोर्टल पर डेटा अपलोड करने के दिए निर्देश..
उत्तराखंड: सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में देहरादून जिले में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC), एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन (ARV) कार्यक्रम और निराश्रित गोवंशीय पशुओं के प्रभावी प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और नगर निकायों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आवारा पशुओं और श्वानों (स्ट्रीट डॉग्स) का एक विस्तृत सर्वेक्षण (Detailed Survey) कर प्रामाणिक डेटा तैयार करें और उसे निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सटीक आंकड़ों के आधार पर ही आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से बंध्याकरण (Sterilization) और टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य, 3 नए सेंटरों के लिए भूमि चयन के निर्देश..
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने एबीसी और एआरवी अभियान को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता के लिए पालतू कुत्तों का पंजीकरण (Registration) कराना अनिवार्य किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने डोईवाला, विकासनगर और ऋषिकेश क्षेत्रों में श्वानों के बंध्याकरण और शल्य चिकित्सा (Surgery) के लिए उपयुक्त भूमि चयन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश के संरक्षण और प्रबंधन पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने निकायों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों से निराश्रित पशुओं को तत्काल रेस्क्यू कर कांजीहाउस पहुंचाया जाए, जहाँ उनकी समुचित देखभाल और चारे की व्यवस्था हो। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि जो लोग अपने गोवंशीय पशुओं को दूध निकालने के बाद सड़कों पर लावारिस छोड़ देते हैं, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून में अब तक 55 हजार से अधिक स्ट्रीट डॉग्स का बंध्याकरण
बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अब तक 55,487 स्ट्रीट डॉग्स का बंध्याकरण पूरा किया जा चुका है। वर्तमान में व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है. वर्तमान में 72 केनल उपलब्ध हैं, जबकि 144 नए केनल का निर्माण कार्य जारी है। इनके तैयार होने के बाद लगभग 300 श्वानों को रखने की क्षमता हो जाएगी। शहर में आवारा श्वानों के लिए 25 स्थान (Feeding Spots) चिह्नित किए गए हैं। नगर निगम द्वारा अब तक पालतू श्वानों के 1,117 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं।
883 निराश्रित गोवंश कांजीहाउस में संरक्षित
जिले में निराश्रित पशुओं के रखरखाव की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि केदारपुरम स्थित कांजीहाउस में वर्तमान में 347 और सेलाकुई के शंकरपुर स्थित कांजीहाउस में 536 निराश्रित पशुओं की देखभाल की जा रही है। शहर में लावारिस पशुओं को रेस्क्यू करने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) के साथ 4 विशेष पशुवाहन तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, नगर निगम क्षेत्र से मार्च से अब तक 109 बंदरों को पकड़कर सुरक्षित रूप से जंगलों में छोड़ा गया है। उच्चस्तरीय बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, मुख्य नगर अधिकारी (MNA) विजय नाथ शुक्ल और सभी नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
