उत्तराखंड के शिक्षकों को मिलेगा शैक्षणिक योगदान का सम्मान..
गौरव पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। उच्च शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026-27 के ‘भक्त दर्शन उच्च शिक्षा गौरव पुरस्कार’ के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पुरस्कार के माध्यम से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 5 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय, हल्द्वानी की ओर से इस संबंध में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों और महाविद्यालयों के प्राचार्यों को पत्र जारी किया गया है। विभाग ने पात्र शिक्षकों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर आवेदन करने की अपील की है।
उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान पर मिलेगा सम्मान
‘भक्त दर्शन उच्च शिक्षा गौरव पुरस्कार’ योजना उत्तराखंड शासन के 10 जनवरी 2020 के शासनादेश के तहत संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों के शैक्षणिक योगदान और उपलब्धियों को पहचान देना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पुरस्कार की आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए आवेदन का निर्धारित प्रारूप उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइटhttp://he.uk.gov.in पर उपलब्ध कराया गया है।
कौन कर सकता है आवेदन?
पुरस्कार के लिए वही शिक्षक आवेदन कर सकेंगे, जो संबंधित नियमों में निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हों और अपने संस्थान में नियमित रूप से कार्यरत हों। आवेदन पत्र पर संबंधित संस्थान के अध्यक्ष, संकायाध्यक्ष अथवा कुलपति की संस्तुति अनिवार्य होगी। शिक्षकों को आवेदन के साथ सभी जरूरी प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज भी संलग्न करने होंगे। अधूरे आवेदन या निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर आवेदन पर विचार किए जाने में दिक्कत हो सकती है।
5 नवंबर तक निदेशालय पहुंचाना होगा आवेदन
इच्छुक शिक्षक अपना पूरा आवेदन पत्र स्वयं अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से निर्धारित पते पर भेज सकते हैं। आवेदन 5 नवंबर 2026 तक निदेशक, उच्च शिक्षा, उत्तराखंड, नबाड़खेड़ा, गौलापार, हल्द्वानी, जिला नैनीताल के कार्यालय में पहुंच जाना चाहिए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अंतिम तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऐसे में पात्र शिक्षकों को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को भी दिए निर्देश
उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी कुलसचिवों को अपने अधीन आने वाले महाविद्यालयों और संस्थानों तक पुरस्कार से संबंधित जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र शिक्षकों को योजना की जानकारी मिल सके और वे समय रहते आवेदन कर सकें। इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री के निजी सचिव और शासन के संबंधित अधिकारियों को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी गई है। अब उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत पात्र शिक्षकों के पास अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों और योगदान के आधार पर इस पुरस्कार के लिए आवेदन करने का अवसर है।
