कांवड़ यात्रा से पहले सीएम धामी की चेतावनी, कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर चलेगा सख्त कानून..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में शुरू होने जा रही कांवड़ यात्रा को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सरकार का कहना है कि यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। इसके साथ ही स्पष्ट संदेश दिया गया है कि यात्रा की आड़ में कानून व्यवस्था बिगाड़ने या किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचकर गंगाजल लेकर अपने-अपने राज्यों के लिए रवाना होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों की सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, अस्थायी सुविधाएं, चिकित्सा सहायता और परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आने वाले सभी कांवड़ यात्रियों का राज्य सरकार स्वागत करती है। उन्होंने बताया कि यात्रा की तैयारियों की समीक्षा स्वयं की गई है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। घाटों पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ जल पुलिस की तैनाती भी की गई है, ताकि स्नान और जल भरने के दौरान सुरक्षा बनी रहे।
सीएम ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और श्रद्धा का पर्व है, इसलिए सभी श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था भंग करने, उपद्रव फैलाने या यात्रा में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। विभिन्न मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए कई स्थानों पर रूट डायवर्जन किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी करेंगे ताकि आम नागरिकों और कांवड़ यात्रियों दोनों को कम से कम परेशानी हो।हरिद्वार जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा और निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि पूरे मेले क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी। ड्रोन की सहायता से पार्किंग स्थलों, प्रमुख मार्गों, मंदिर परिसरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन की ओर से कांवड़ यात्रियों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि यात्रा के दौरान अपना पहचान पत्र साथ रखें और प्रशासन द्वारा जारी मानकों का पालन करें। विशेष रूप से कांवड़ के आकार, डीजे और ध्वनि व्यवस्था से संबंधित मानकों का पालन करने को कहा गया है, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, आपदा प्रबंधन और अन्य संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ पूरी यात्रा अवधि के दौरान सक्रिय रहेंगी। अधिकारियों का कहना है कि इस बार सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
