राष्ट्रीय सम्मेलन से पहले विभाग की तैयारियां तेज, रेखा आर्या ने अधिकारियों को दिए निर्देश..
उत्तराखंड: महिला एवं बाल विकास से जुड़े मुद्दों पर नई दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए उत्तराखंड सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 8 और 9 अक्टूबर को प्रस्तावित दो दिवसीय सम्मेलन में महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण, पोषण और बाल संरक्षण जैसे विषयों पर राज्यों की ओर से किए जा रहे कार्यों और नवाचारों पर चर्चा होगी। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को यमुना कॉलोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्य की ओर से सम्मेलन में रखे जाने वाले विषयों और प्रस्तुतियों की तैयारियों की समीक्षा की।
राष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड के कामकाज की होगी प्रस्तुति
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन में उत्तराखंड में महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में संचालित योजनाओं और महत्वपूर्ण उपलब्धियों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाए। इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रमुख कार्यों और योजनाओं से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया। रेखा आर्या ने कहा कि इस तरह के सम्मेलन राज्यों को अपनी उपलब्धियां साझा करने के साथ-साथ दूसरे राज्यों में अपनाई जा रही सफल योजनाओं को समझने का अवसर भी देते हैं। इससे बेहतर मॉडल को अपने राज्य में लागू करने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
महिला सुरक्षा से लेकर आंगनवाड़ी और पोषण तक चर्चा
दो दिवसीय सम्मेलन में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के अलावा आंगनवाड़ी व्यवस्था, पोषण और बाल संरक्षण जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। अलग-अलग राज्यों की ओर से इन क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों और नए प्रयोगों को साझा किया जाएगा। मंत्री के मुताबिक उत्तराखंड के लिए यह सम्मेलन इसलिए भी अहम है, क्योंकि राज्य में महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं को राष्ट्रीय मंच पर रखने का मौका मिलेगा। साथ ही दूसरे राज्यों की प्रभावी पहलों से सीख लेकर प्रदेश की योजनाओं में आवश्यक सुधार किए जा सकेंगे। रेखा आर्या ने कहा कि सम्मेलन के समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर महिला और बाल कल्याण से जुड़े विषयों पर प्रधानमंत्री के विचार राज्यों के लिए दिशा तय करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं। मंत्री ने अधिकारियों को सम्मेलन से पहले सभी तैयारियां समय पर पूरी करने और उत्तराखंड की योजनाओं व उपलब्धियों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
