चारधाम यात्रा को लेकर बड़ी तैयारी, ऋषिकेश में 24 घंटे रजिस्ट्रेशन सुविधा..

चारधाम यात्रा को लेकर बड़ी तैयारी, ऋषिकेश में 24 घंटे रजिस्ट्रेशन सुविधा..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इस बार यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और यात्री-हितैषी बनाने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया में कई अहम सुधार किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था भी सुचारु रूप से लागू की जा रही है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में कुल 24 पंजीकरण काउंटर स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त आईएसबीटी के पास छह और काउंटर लगाए गए हैं। गुरुद्वारा सिंह साहिब के कपाट खुलने के बाद वहां भी चार पंजीकरण काउंटर संचालित किए जाएंगे। इस तरह फिलहाल 30 काउंटर पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार और बढ़ाया भी जा सकता है। यात्रा व्यवस्थाओं का औपचारिक शुभारंभ 18 अप्रैल को सुबह 11 बजे किया जाएगा, जिसमें सीएम पुष्कर सिंह धामी भी शामिल होंगे। इसके बाद 19 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जिससे यात्रा का विधिवत आगाज हो जाएगा।

24 घंटे मिलेगी पंजीकरण सुविधा

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार पंजीकरण प्रक्रिया 24 घंटे संचालित की जाएगी। यात्रियों की संख्या और भीड़ को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की ड्यूटी शिफ्ट के आधार पर तय की जाएगी। वर्तमान में इस कार्य के लिए 100 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जिनमें 30 मोबाइल टीमें भी शामिल हैं।ये मोबाइल टीमें आश्रमों, धर्मशालाओं और अन्य ठहराव स्थलों पर जाकर यात्रियों का ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण करेंगी। खासतौर पर उन स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां एक साथ 20 या उससे अधिक यात्री ठहरे हुए हों। इससे श्रद्धालुओं को पंजीकरण के लिए लंबी कतारों या कैंप तक आने की परेशानी से राहत मिलेगी।

दस्तावेजों को लेकर सख्ती

पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए दस्तावेजों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। भारतीय यात्रियों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है, साथ ही बायोमेट्रिक सत्यापन और फोटो कैप्चर भी किया जाएगा। वहीं विदेशी नागरिकों और एनआरआई यात्रियों को पासपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा। प्रशासन का कहना है कि इस बार चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और सुविधा तीनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्देश्य यही है कि हर श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के सुरक्षित और सुगम तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सके और देवभूमि से सकारात्मक अनुभव लेकर लौटे।