उत्तराखंड में वनाग्नि से निपटने की नई रणनीति, आपदा घोषित होगी आग, हर जिले में नोडल अफसर..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में वनाग्नि सीजन को देखते हुए सरकार ने इस बार व्यापक और सुदृढ़ तैयारियों का दावा किया है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जंगलों में आग की घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्यभर में पहले से ही रणनीति तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि हर जनपद में पीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया जा रहा है, ताकि निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके। वन विभाग द्वारा इस बार फायर सीजन के लिए आधुनिक उपकरणों की भी व्यवस्था की गई है। वनकर्मियों को फायर प्रूफ जैकेट, विशेष सूट, हेलमेट सहित अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे अधिक सुरक्षित तरीके से आग बुझाने के कार्य में जुट सकें। इसके साथ ही फायर वाचरों के बीमा कवर को बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक करने का प्रावधान किया गया है, ताकि जोखिम भरे कार्य के दौरान उनके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सरकार ने पहली बार जंगल की आग को आपदा की श्रेणी में शामिल करते हुए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन समितियों का गठन किया है। इसके अलावा जिन क्षेत्रों को वनाग्नि के हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है, वहां ग्राम प्रधानों की अगुवाई में फॉरेस्ट फायर कमेटियों का गठन किया गया है। इन समितियों में राजस्व विभाग, वन विभाग, महिला मंगल दल और युवक मंगल दल के सदस्यों को भी शामिल किया गया है, ताकि सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से आग पर शीघ्र नियंत्रण पाया जा सके। वन मंत्री ने यह भी बताया कि आग बुझाने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दलों और समूहों को प्रोत्साहित करने के लिए नकद पुरस्कार की व्यवस्था की गई है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले दलों को एक लाख, पचहत्तर हजार और इक्यावन हजार रुपये तक की धनराशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
फिलहाल राज्य के कई हिस्सों में हुई बारिश और बर्फबारी के कारण आग की घटनाओं में कमी आई है, जिससे राहत मिली है। हालांकि, विभाग पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। इसी के साथ हरिद्वार क्षेत्र में जंगली हाथियों के आबादी वाले इलाकों में प्रवेश की घटनाओं को रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत हाथी रोधी दीवार और फेंसिंग की स्वीकृति दी जा चुकी है और संबंधित योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। वन मंत्री ने युवाओं को खेलों से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियां युवाओं को नशे और अन्य बुरी आदतों से दूर रखने का प्रभावी माध्यम हैं। इसी क्रम में उन्होंने प्रेमनगर आश्रम में आयोजित एक अखिल भारतीय आमंत्रण बास्केटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन किया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
इस प्रतियोगिता में देशभर की 13 टीमें महिला और पुरुष वर्ग में भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता के शुरुआती मुकाबलों में पुरुष वर्ग में वेस्टर्न कमांड की टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की, जबकि महिला वर्ग में नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे की टीम ने मुकाबला अपने नाम किया। कुल मिलाकर राज्य सरकार इस बार वनाग्नि सीजन के साथ-साथ वन्यजीव प्रबंधन और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए बहुआयामी रणनीति पर काम कर रही है।
