पंतनगर में 350 से अधिक स्टॉल के साथ किसान मेले का आगाज, सीएम धामी ने किया उद्घाटन..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ हो गया है। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम का उद्घाटन सीएम पुष्कर सिंह धामी ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए किसान, कृषि वैज्ञानिक और कृषि विशेषज्ञ बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में सीएम ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों तथा कृषि उपकरणों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने किसानों और वैज्ञानिकों से संवाद कर खेती से जुड़ी चुनौतियों, संभावनाओं और नई तकनीकों पर चर्चा भी की।
विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि इस किसान मेले में 350 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां किसानों को एक ही स्थान पर आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, कृषि उपकरण और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन किसानों को नई जानकारी और आधुनिक खेती के तरीकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सीएम ने किसानों को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण से ही देश और प्रदेश की समृद्धि संभव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
सीएम ने कहा कि हाल ही में किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की नई किस्त जारी की गई है, जिसका लाभ उत्तराखंड के लगभग नौ लाख से अधिक किसानों को मिला है। इसके अलावा जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 25 करोड़ रुपये की सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है और तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि यंत्रों की खरीद पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही ड्रैगन फ्रूट जैसी नई फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसमें किसानों को विशेष अनुदान दिया जा रहा है।
सीएम ने कहा कि राज्य में फलों के उत्पादन में लगभग ढाई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। मशरूम उत्पादन में उत्तराखंड देश में पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है, जबकि शहद उत्पादन में राज्य आठवें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन के क्षेत्र में भी प्रदेश में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने अपनी ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के पास स्थित सड़कोट गांव को गोद लिया है, जिसे एक मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य में करीब 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित पौधों की खेती की जा रही है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है। नहरों से होने वाली सिंचाई को पूरी तरह मुफ्त कर दिया गया है। गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया जा रहा है और गन्ने के समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी की गई है, जो पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से भी अधिक है। कार्यक्रम के अंत में सीएम ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले करीब एक दर्जन प्रगतिशील किसानों को “प्रगतिशील किसान सम्मान” से सम्मानित किया। सम्मानित किसानों को 11-11 हजार रुपये और 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक और विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।
