उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षकों को मिलेगी अंतरिम पदोन्नति..
उत्तराखंड: विद्यालयी शिक्षा विभाग में लंबे समय से चल रहे शिक्षकों की वरिष्ठता विवाद के बीच सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र शिक्षकों को अंतरिम पदोन्नति दी जाएगी। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार के फैसले के अनुसार अंतरिम पदोन्नति पाने वाले शिक्षकों की डीपीसी कोर्ट के अंतिम निर्णय के बाद होगी। हालांकि, उन्हें अन्य सभी पदोन्नति संबंधी लाभ मिलते रहेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि पात्र शिक्षकों को शीघ्र पदोन्नति का लाभ दिया जाए, ताकि राज्य की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो। बता दे कि करीब आठ साल से 39 हजार प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों (एलटी) की पदोन्नति अटकी हुई है।
उत्तराखंड में शिक्षकों की लंबे समय से अटकी पदोन्नतियों पर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया है कि जब तक वरिष्ठता विवाद का मामला न्यायालय में लंबित है, तब तक शिक्षकों को अंतरिम पदोन्नति दी जाएगी। विधानसभा स्थित सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले में विधि विभाग से परामर्श लेकर न्यायालय में ठोस और तथ्यात्मक जवाब दाखिल किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि पात्र शिक्षकों को शीघ्र पदोन्नति का लाभ मिलना चाहिए, ताकि शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो। राज्य में करीब 39 हजार प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक (एलटी) की पदोन्नतियां पिछले आठ साल से अटकी हुई हैं।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पदोन्नति न होने से विद्यालयों में शिक्षण और मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण की जाएं, ताकि पात्र शिक्षकों को जल्द पदोन्नति का लाभ मिल सके। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी स्थिति में शैक्षिक कार्यों में व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा। डॉ. रावत ने कहा कि अंतरिम पदोन्नति व्यवस्था लागू होने से न केवल शिक्षकों को लाभ मिलेगा, बल्कि विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण भी सुदृढ़ होगा।