उत्तरकाशी में सांकरी विंटर फेस्टिवल शुरू, सीएम धामी ने पर्यटन को बढ़ावा देने का दिया संदेश..

उत्तरकाशी में सांकरी विंटर फेस्टिवल शुरू, सीएम धामी ने पर्यटन को बढ़ावा देने का दिया संदेश..

 

 

 

उत्तराखंड: सीएम धामी ने बुधवार को जनपद उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड क्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों केदारकांठा और हरकीदून के बेस कैंप सांकरी में आयोजित सांकरी विंटर फेस्टिवल एवं टूरिज्म महोत्सव–2025 का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीएम ने पर्यटक दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई। सीएम धामी ने कहा कि मोरी क्षेत्र के हरकीदून, केदारकांठा, देवक्यारा, चांगसील और बराडसर ताल सहित आसपास के हिमालयी पर्यटन स्थल उत्तराखंड की पहचान हैं।

उन्होंने कहा कि ये पर्यटन स्थल न केवल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर भी उपलब्ध करा रहे हैं। सीएम धामी ने कहा कि पहले पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां केवल तीन माह तक सीमित रहती थीं, लेकिन राज्य सरकार ने शीतकालीन यात्रा, ताल-बुग्याल और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देकर इसे बारह महीने का रोजगार आधारित माध्यम बना दिया है। इससे पहाड़ी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और स्थानीय लोगों की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। सरकार का लक्ष्य सीमावर्ती और सुदूरवर्ती क्षेत्रों को पर्यटन के माध्यम से विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पर्यटन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, संचार और सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक उत्तराखंड की ओर आकर्षित हों। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पर्यटन से जुड़े हितधारक और क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने महोत्सव को विशेष रंग प्रदान किया।

सांकरी विंटर फेस्टिवल एवं टूरिज्म महोत्सव के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सांकरी केवल एक गांव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का जीवंत संग्रहालय है। सांकरी के अपने पहले आगमन पर सीएम ने स्थानीय लोगों के स्नेह, आत्मीय स्वागत और उत्साह के लिए आभार व्यक्त किया। कहा कि सांकरी की पारंपरिक लकड़ी की वास्तुकला, लोकगीत, लोकनृत्य और सरल पहाड़ी जीवनशैली उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यहां की संस्कृति और परंपराएं न केवल संरक्षण की मांग करती हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। सीएम धामी ने कहा कि यह महोत्सव उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव होने के साथ-साथ विकास भी विरासत भी की सोच को साकार करता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन विकास के साथ सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को समान महत्व दे रही है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान के बाद केदारकांठा, हर्षिल, औली, मुनस्यारी और सांकरी जैसे क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इसका सकारात्मक असर सीमांत और सुदूर गांवों में दिखाई दे रहा है, जहां पलायन रुक रहा है और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। सीएम धामी ने कहा कि पर्यटन के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है और आने वाले समय में उत्तराखंड को वर्षभर पर्यटन वाला राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

सीएम ने कहा शीतकालीन पर्यटन से लोक कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल और पर्यटन से जुड़े कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। सीएम ने कहा सरकार प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। उत्तरकाशी में पार्किंग निर्माण, सड़क परियोजनाएं, पुरोला उप जिला चिकित्सालय और तिलोथ विद्युत गृह जैसी योजनाएं इसका उदाहरण हैं।

सीएम ने सिलक्यारा टनल हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि 17 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की संवेदनशीलता और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को मजबूत कर रही है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। सीएम ने जनता से शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध व आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान किया. इस दौरान सीएम ने विंटर फेस्टिवल में विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया।