महंगी रसोई गैस के बीच कुमाऊं में सख्ती, कालाबाजारी रोकने के निर्देश..
उत्तराखंड: कुमाऊं मंडल में एलपीजी गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी की आशंकाओं को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आम उपभोक्ताओं को राहत देने और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मंडल स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मंडलायुक्त दीपक रावत ने क्षेत्र के सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि गैस एजेंसियों, गोदामों और वितरण प्रणाली पर विशेष नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उपभोक्ताओं को निर्धारित दरों पर ही एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध हों और कृत्रिम कमी पैदा कर मुनाफाखोरी करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
बता दे कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। पश्चिम एशिया क्षेत्र में जारी तनावपूर्ण परिस्थितियों के चलते वैश्विक ईंधन बाजार में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिसका प्रभाव घरेलू एलपीजी कीमतों पर भी पड़ा है। हाल ही में रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में लगभग 60 से 115 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बढ़ती महंगाई के बीच इस वृद्धि ने आम परिवारों के बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। कीमतों में बढ़ोतरी के साथ ही कुछ क्षेत्रों से गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई स्थानों पर समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे, जबकि कुछ एजेंसियों पर अधिक दाम वसूलने के आरोप भी लगे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी तेज कर दी है।
प्रशासन का कहना है कि एलपीजी जैसी आवश्यक सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिला स्तर पर नियमित निरीक्षण, स्टॉक सत्यापन और वितरण प्रणाली की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कहीं भी कालाबाजारी, ओवरचार्जिंग या कृत्रिम संकट जैसी स्थिति सामने आती है तो संबंधित एजेंसी या व्यक्तियों के खिलाफ कड़े दंडात्मक कदम उठाए जाएं। मंडल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है और शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि बढ़ती कीमतों के बावजूद आम लोगों को रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति मिलती रहे और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके। प्रशासनिक सख्ती के बीच उम्मीद जताई जा रही है कि आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होगी, कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा और उपभोक्ताओं को राहत मिल सकेगी।
