नयारघाटी में रोमांच का महाकुंभ, सीएम धामी ने फेस्टिवल का किया शुभारंभ..
उत्तराखंड: सतपुली के समीप बिलखेत में तीन दिवसीय द्वितीय नयार घाटी एडवेंचर फेस्टिवल का शुभारंभ उत्साह और रोमांच के माहौल में हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य सरकार साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है और ऐसे आयोजन उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे। फेस्टिवल के पहले ही दिन विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं शुरू हो गईं। पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्रतियोगिता ने आसमान में रोमांच बिखेरा तो दूसरी ओर लैंसडौन से सिसल्डी होते हुए बिलखेत तक लगभग 60 किलोमीटर लंबी माउंटेन बाइकिंग रैली ने प्रतिभागियों के उत्साह को नई ऊंचाई दी। व्यासघाट में एंग्लिंग और नयार नदी में हंस अस्पताल के पास क्याकिंग प्रतियोगिता ने भी एडवेंचर प्रेमियों को आकर्षित किया। फेस्टिवल में आए पर्यटक और स्थानीय ग्रामीण टैंडम पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून, जिप लाइन और ब्रह्मा ब्रिज जैसी गतिविधियों का निशुल्क आनंद ले रहे हैं। बिलखेत पैराग्लाइडिंग लैंडिंग स्थल के आसपास इन सभी गतिविधियों के लिए विशेष सेटअप तैयार किए गए हैं, जिससे क्षेत्र पूरी तरह साहसिक खेलों के रंग में रंगा नजर आ रहा है।
ऐतिहासिक गांधी चौक से शुरू हुई बाइकिंग रैली
माउंटेन बाइकिंग रैली की शुरुआत लैंसडौन के ऐतिहासिक गांधी चौक से हुई। उपजिलाधिकारी शालिनी मौर्य ने प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली डेरियाखाल, चुण्डई, पीड़ा, चमेठा और खैरासैंण होते हुए लगभग 60 किलोमीटर की दूरी तय कर बिलखेत पहुंचेगी। पूरे मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और स्थानीय लोगों ने जगह-जगह प्रतिभागियों का स्वागत कर उनका उत्साहवर्धन किया। आयोजकों के अनुसार रैली में देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिभागी पहुंचे हैं। पुरुष और महिला दोनों वर्गों की भागीदारी देखने को मिली। विशेष बात यह रही कि 60 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागियों ने भी इस कठिन रूट पर हिस्सा लेकर युवाओं के लिए प्रेरणा पेश की।
पर्यटन विकास को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारियों का कहना है कि नयार घाटी एडवेंचर फेस्टिवल के माध्यम से लैंसडौन, सतपुली और आसपास के क्षेत्रों को पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान मिलेगी। साहसिक खेलों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में आगे भी विभिन्न प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि यह आयोजन न केवल एडवेंचर प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि उत्तराखंड को साहसिक पर्यटन की राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
