यातायात नियमों और पर्यावरण रक्षा का संदेश, सीएम धामी ने दौड़ को किया रवाना..

यातायात नियमों और पर्यावरण रक्षा का संदेश, सीएम धामी ने दौड़ को किया रवाना..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंगलवार को सड़क सुरक्षा जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित पांच किलोमीटर की दौड़ ने जनसहभागिता का उत्साहपूर्ण उदाहरण पेश किया। इस अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कैंट रोड से कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं, सामाजिक संगठनों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों सहित विभिन्न आयु वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सुबह के समय आयोजित इस दौड़ में प्रतिभागियों ने ‘सुरक्षित सड़क–स्वस्थ जीवन’ और ‘हरित उत्तराखंड’ जैसे संदेशों के साथ जागरूकता का संकल्प लिया।

दौड़ को रवाना करने से पहले सीएम ने सभी प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए यातायात नियमों का पालन हर नागरिक की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। सीएम ने यह भी कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे में वाहन न चलाना और ट्रैफिक संकेतों का सम्मान करना जीवन की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार व समाज को भी जागरूक करें। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनआंदोलन का रूप देना होगा। पेड़ लगाना, प्लास्टिक का कम उपयोग करना, जल संरक्षण करना और स्वच्छता बनाए रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निरंतर अभियान चला रही है। स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, ट्रैफिक नियमों पर विशेष अभियान और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम इसी कड़ी का हिस्सा हैं। दौड़ में युवाओं और स्कूली बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष ऊर्जा दी। प्रतिभागियों ने बैनर और स्लोगन के माध्यम से लोगों को संदेश दिया कि सुरक्षित यातायात और स्वच्छ पर्यावरण ही बेहतर भविष्य की नींव हैं। आयोजकों के अनुसार ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि समाज में स्थायी व्यवहार परिवर्तन लाना है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर सामूहिक जागरूकता अभियान समय की आवश्यकता हैं। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की चुनौती और पर्यावरणीय संतुलन दोनों ही महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। इस तरह के आयोजन न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि प्रशासन और समाज के बीच सकारात्मक संवाद भी स्थापित करते हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नागरिकों के सहयोग से उत्तराखंड को सुरक्षित, स्वच्छ और हरित राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य पूरा होगा।