सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में बड़ी कार्रवाई, उच्चस्तरीय एसआईटी करेगी जांच..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के काशीपुर में सामने आए किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण की जांच को गंभीरता से लेते हुए राज्य पुलिस ने उच्चस्तरीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। इस एसआईटी की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे कर रहे हैं। मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इस प्रकरण से जुड़े 12 पुलिस कर्मियों का तत्काल प्रभाव से गढ़वाल रेंज के जनपद चमोली और रुद्रप्रयाग में स्थानांतरण कर दिया गया है। साथ ही, मृतक द्वारा आत्महत्या से पूर्व जारी किए गए वीडियो और ई-मेल में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच और तथ्यों के परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।
एसआईटी में ये हैं शामिल..
पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ नीलेश आनन्द भरणे की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय एसआईटी में पुलिस अधीक्षक चम्पावत- अजय गणपति, क्षेत्राधिकारी टनकपुर- वन्दना वर्मा, निरीक्षक दिवान सिंह बिष्ट, चंपावत और उपनिरीक्षक मनीष खत्री, चंपावत को सम्मिलित किया गया है।
यह है पूरा मामला..
आपको बता दे कि 11 जनवरी को ऊधमसिंह नगर जिले के आईटीआई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पैगा निवासी सुखवंत सिंह (40 वर्ष) ने गौलापार स्थित देवभूमि होटल के कमरा नंबर 101 में अपनी कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद से यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।परिजनों के अनुसार सुखवंत सिंह का कुछ प्रॉपर्टी डीलरों के साथ साढ़े तीन करोड़ रुपये की भूमि डील को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि डील के दौरान उनसे 50 लाख रुपये मूल्य की दूसरी जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई थी। इससे वह मानसिक तनाव में थे।
आत्महत्या से पहले लगाए थे गंभीर आरोप..
आत्महत्या से दो दिन पहले सुखवंत सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कुंडा थाना के तत्कालीन प्रभारी, पैंगा चौकी प्रभारी और ऊधमसिंह नगर के तत्कालीन एसएसपी पर प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके अलावा उन्होंने ई-मेल के माध्यम से भी संबंधित तथ्यों का उल्लेख किया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एसआईटी इन सभी आरोपों, वीडियो फुटेज, ई-मेल, कॉल डिटेल और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राज्य पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस संवेदनशील मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।
